देहरादून। राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर ने आयोग के आदेश की अनुपालना न होने पर कोटद्वार तहसील में कार्यरत्त रहे तीन उपजिलाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
मामला उपजिलाधिकारी कोटद्वार से चार बिंदुओं पर मांगी गई सूचना के संबंध में था। प्रकरण में कोटद्वार में जिला विकास प्राधिकरण में अवैध भवन निर्माणों पर शिकायत के बावजूद कार्यवाही न होने के संबंध में सूचना चाही गई थी, जिस पर उपजिलाधिकारी कोटद्वार द्वारा यह अवगत कराया गया कि शासन द्वारा मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है।
मामला सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर के समक्ष द्वितीय अपील में प्रस्तुत करने पर आयोग द्वारा पाया गया कि मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया पर रोक को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दरकिनार करते हुए जिला विकास प्राधिकरण को किसी भी स्थिति में अवैध निर्माण न होने देने के आदेश दिए गए हैं, जिसके क्रम में शासन एवं जिलाधिकारी गढ़वाल द्वारा भी अवैध निर्माण रोकने के लिए भी समय समय पर आदेश दिए गए हैं।
आयोग ने पाया कि एक ओर कुछ अवैध निर्माणों पर प्राधिकरण ने नोटिस भी जारी किए हैं और उपजिलाधिकारी द्वारा भी अवैध निर्माण रोकने के आदेश दिए गए हैं, और दूसरी ओर इस आदेश का बहाना लेकर कार्यवाही नहीं की जा रही है।
जिसको संज्ञान में लेते हुए आयोग ने अपीलार्थी मुजीब नैथानी को माननीय हाई कोर्ट एवं शासन के पत्र का संज्ञान लेते हुए सूचना देने के आदेश 11 दिसंबर 2025 को पारित किए थे। उक्त के क्रम में 16 फरवरी 2026 तक आदेश का अनुपालन उपजिलाधिकारी कोटद्वार द्वारा नहीं किया गया, जिसको सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का उल्लंघन के साथ साथ आयोग द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों की अवहेलना मानते हुए तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी सोहन सिंह सैनी, शालिनी मौर्य व चतर सिंह चौहान को 250 सौ रूपये प्रतिदिन की दर से अधिकतम 25,000 हजार रुपए की शास्ति साथ ही अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु उनके विभागाध्यक्ष को संस्तुति प्रेषित करने का नोटिस सूचना आयोग द्वारा दे दिया गया है।
मामले की अगली सुनवाई 14 मई 2026 को होगी।