ऋषिकेश। उत्तराखण्ड विकास पार्टी के उपाध्यक्ष पूरण सिंह भंडारी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के वीआईपी की जाँच के साथ साथ किरण नेगी और ममता बहुगुणा को इंसाफ दिलवाने के लिए सीबीआई जाँच की मांग की।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी के उपाध्यक्ष पूरण सिंह भंडारी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि शांत पहाड़ी राज्य में बलात्कार और हत्याओं के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे दुखद बात यह है कि तमाम विवादित मामलों में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के नाम ही हवा में तैरते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नारायण दत्त तिवारी जैसे कद्दावर कांग्रेसी नेता को इसी विवाद की वजह से राजभवन छोड़ना पड़ गया था। जैनी प्रकरण को आज भी सीबीआई जाँच की दरकार है क्योंकि इसमें भाजपा कांग्रेस के नेताओं के नाम हवा में उछले थे ।
उन्होंने कहा कि मोदी ट्रिपल इंजन सरकार में बेशर्मी की इतनी हद है कि नाम आने के बावजूद नेता न तो प्रकरण की सीबीआई जाँच की बात कर रहे हैं और ना ही जाँच पूरी होने तक अपने पदों से इस्तीफा देने को राजी हैं। उन्होंने कहा कि जिस दल ने नाली चौक होने के प्रकरण को दबा दिया हो, उससे क्या उम्मीद रखी जा सकती है।
पूरण सिंह भंडारी ने कहा कि खेद जनक है कि राज्य बनने के बाद महिला अपराध हजारों की संख्या में चले गए हैं जो इतने छोटे हिमालयी राज्य के लिए दुर्भाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि जनता को समझना चाहिए कि इन अपराधों के पीछे किन संस्थाओं नेताओं से जुड़े लोग हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के लोग पर्वतीय संस्कृति को खत्म करने की साजिश कर रहे हैं, इसी लिए महिला अपराध में शामिल लोगों पर पुलिस आसानी से हाथ नहीं डाले पाती।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय ताकतों में लाख कमी हो मगर ऐसे अपराधों का कभी उन्होंने समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि जनता खुद देखे कि आज के ये अपराधी क्या फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट के आदमी हैं या मुजीब नैथानी के आदमी हैं या कांग्रेस भाजपा के संगठनों के आदमी हैं ? और ऐसे अपराधियों को पनाह देने वाले संगठन क्या पहाड़ का भला कर सकते हैं भला।