गढ़वाली कुमाऊँनी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाय : एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी

कोटद्वार। उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने गढ़वाली कुमाऊँनी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की माँग की।

उत्तराखण्ड विकास पार्टी के सचिव एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी ने कहा कि विभाजनकारी सरकारों के दौर में पूरे उत्तराखण्ड वासियों को एक जुट होने की जरूरत है और गढ़वाली कुमाऊँनी भाषाओं का संरक्षण और संवर्धन पूरे उत्तराखण्ड को एक रखने में संजीवनी बनेगा।

एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस की सरकारों ने उत्तराखण्ड को एक उपनिवेश जैसा ट्रीट किया है इसलिए इन पच्चीस सालों में उत्तराखण्ड मूलभूत सुविधाओं शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के विषय में चेतना शून्य हो गया है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की आत्मा गैरसैंण में बस्ती है और बाबा मोहन उत्तराखण्डी की शहादत को गढ़वाली कुमाऊँनी बेकार नहीं जाने देंगे, गैरसैंण को राजधानी बनाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ी जायेगी।

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