ऋषिकेश। उत्तराखंड विकास पार्टी के उपाध्यक्ष पूरण सिंह भंडारी ने यूजीसी कानून को सवर्णों के खिलाफ एक साजिश बताया और कहा कि मोदी सरकार ने सवर्णों के खिलाफ साजिश तब शुरू कर दी थी जब मोदी सरकार ने एससी एसटी एक्ट में गैर संवैधानिक प्रावधान माननीय उच्चतम न्यायालय के निरस्त कर देने के बाद जबरदस्ती जोड़े।
पूरण सिंह भंडारी ने कहा कि मोदी सरकार यदि न्यायपालिका का सम्मान करती तो माननीय उच्चतम न्यायालय के एससी एसटी कानूनों में बदलाव को निरस्त करने के बाद संसद से इन बदलावों को स्वीकार नहीं करवाती। उन्होंने कहा कि बगैर जाँच गिरफ्तारी संविधान में प्रदत्त स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।
पूरण सिंह भंडारी ने कहा कि यूजीसी का कानून सर्वण और अन्य समाज के बीच भेदभाव पैदा करने वाला कानून है जो झूठी शिकायत करने वालों को प्रोत्साहित करता है, क्योंकि इस कानून में शिकायत झूठी पाये जाने पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही का कोई प्रावधान नहीं है।