रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे के पुत्र अतुल पांडे से जुड़े भूमि विवाद मामले की जांच के आदेश दिए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसे 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इस विवाद में भाजपा विधायक अरविंद पांडे के पुत्र अतुल पांडे का नाम सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं।
यह पूरा मामला बाजपुर तहसील के ग्राम सैंमलपुरी से जुड़ा हुआ है। जहां की निवासी नन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय तुला सिंह द्वारा जिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपा गया था। शिकायत में उन्होंने भूमि से संबंधित कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
ग्राम सैंमलपुरी में खाता संख्या 20 के अंतर्गत आने वाली भूमि को वर्ष 2010-11 में नियमों के विपरीत हस्तांतरित कर दिया गयाथा। यह भूमि अनुसूचित जनजाति से संबंधित थी, जिसे नियमानुसार किसी सामान्य वर्ग के व्यक्ति के नाम ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद, यह जमीन भाजपा विधायक अरविंद पांडे के पुत्र अतुल कुमार पांडे के नाम स्थानांतरित कर दी गई, जो कि नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।
शिकायतकर्ता नन्नी देवी का कहना है कि इस मामले में न्यायालय का निर्णय आने के बावजूद उन्हें भूमि पर कब्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि यह मामला एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़ा हुआ है, इसलिए उनके प्रभाव के चलते प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं हो पाई और उन्हें न्याय से वंचित रखा गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने तुरंत संज्ञान लिया और एक जांच समिति का गठन किया। इस समिति में एडीएम (वित्त/राजस्व) को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि एसडीएम बाजपुर को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को समिति का सदस्य नामित किया गया है।
जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि समिति शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की गहनता से जांच करे और 15 दिनों के भीतर अपनी स्पष्ट रिपोर्ट एवं अभिमत प्रस्तुत करे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।