कोटद्वार। जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया में कोटद्वार को स्मार्ट सिटी बना दिया है मगर असली हालात ये हैं कि भरी गर्मी में एक नलकूप मात्र इसलिए काम नहीं कर रहा है क्योंकि उसे बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पाया है।
कण्वाश्रम क्षेत्र के चौकी घाटा में बना जल संस्थान का नलकूप जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। लाखों की लागत से बनी इस नलकूप परियोजना का ढांचा तो 8 महीने पूर्व तैयार खड़ा है, लेकिन बिजली का कनेक्शन न मिलने के कारण यह मशीनें केवल कागजों और बंद कमरों तक ही सीमित रह गई हैं।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी के सचिव एडवोकेट जगदीश जोशी ने कहा कि नलकूप का निर्माण 8 महीने पहले होने के बावजूद जनता को पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि क्षेत्र वासियों के बार-बार गुहार लगाने के बाद भी विभागीय अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नलकूप कक्ष पूरी तरह बनकर तैयार है और उस पर ताला लटका हुआ है, जबकि क्षेत्र की जनता जल संकट से जूझ रही है।
वही एक तरफ सरकार ‘हर घर नल, हर घर जल’ का सपना देख रही है, वहीं दूसरी ओर विभाग की यह उदासीनता सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रही है।
अब देखना यह होगा कि कब तक प्रशासन नींद से जागता है और इस नलकूप को चालू कर स्थानीय लोगों को राहत प्रदान करता है।