कोटद्वार। नागरिक मंच कोटद्वार गढ़वाल की मासिक बैठक में आज के ही दिन सन 1994 को शहीद हुए राज्य शहीद राय सिंह बंगारी, धनपत सिंह, बलबीर सिंह नेगी, मनमोहन ममगाईं, बेलमती चौहान और हंसा धनाई को श्रद्धांजलि अर्पित की ।
इस अवसर पर बोलते हुए मंच के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश नैथानी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य शहीदों के सपनों को पूरा करने लिये राज्य के हर निवासी को अपना योगदान देना पड़ेगा, जिस पर सभा में मौजूद सभी सदस्यों ने सहमति प्रदान की।

बैठक में सुनील कुमार कोटनाला ने कहा कि कोटद्वार की समस्याओं के प्रति कोई भी जा प्रतिनिधि गम्भीर नहीं है, जनप्रतिनिधियों की कार्यवाही माला, फोटो खिंचवाने, स्टेज शो और प्रेस में मोदी सरकार के गुणगान तक सीमित रह गई है, जिस वजह से कोटद्वार में पूर्व उपलब्ध सुविधायें भी बंद हो गई हैं। उन्होंने मसूरी एक्सप्रेस , गढ़वाल एक्सप्रेस समेत लखनऊ हावड़ा जाने वाले डिब्बों को बंद करने का जिक्र किया और कहा कि देहरादून के लिए मोदी सरकार रेल सेवा शुरू नहीं कर पा रही है और हम मुंबई अहमदाबाद तक रेल सेवा चलाने की बात कर रहे हैं।
राजेंद्र पंत ने नगर निगम कोटद्वार समेत प्रशासन पर आरोप लगाया कि देवी रोड और बदरी नाथ मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाया, अब चंद अतिक्रमण हटाने में नोटिस की अवधि खत्म हो जाने के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नहीं कर रहा है। बैठक में विजय माहेश्वरी ने कहा कि पूर्व में अतिक्रमण हटाते समय व्यापार मंडल का कोई पदाधिकारी सामने नहीं आया था, ऐसे तो 62 बीघा भी खाली नहीं हो पायेगा।
कोटद्वार की खराब सड़कों और उस पर अधिकारियों की लापरवाही पर भी रोष व्यक्त किया गया और कहा गया कि साल भर बजट की कमी का रोना रोने वाले विभागों के पास बरसात में बजट की बारिश हो जाती है। वक्ताओं ने नगर आयुक्त द्वारा अतिक्रमण हटाने में कोई भी कार्यवाही न किए जाने का आरोप भी लगाया और कहा कि नगर आयुक्त 62 बीघा और बदरीनाथ मार्ग के अतिक्रमणकारियों को हटाने की बजाय उनको बचाने के लिए जिलाधिकारी को झूठे तथ्य प्रेषित कर रहे हैं।

वक्ताओं ने सरकारी महाविद्यालयों में प्रोफेशनल कोर्सेज लागू करने की माँग भी की। साथ ही मोटर नगर प्रकरण के साथ साथ नॉर्थ कॉर्बेट रिजॉर्ट की बदहाली पर मोदी सरकार द्वारा कोई कदम न उठाये जाने पर चिंता जाहिर की।
बैठक में चंद्रप्रकाश नैथानी, हर्षवर्धन ध्यानी, भास्कर बलूनी, पी.सी. नवानी, के. सी. राम निराला, हरीश कुंडलिया, सुरेश मधुवाल, सुनील कुमार कोटनाला, सूर्य नारायण पाण्डेय, एस. एन. नौटियाल, भारत मोहन काला, विजय माहेश्वरी, सुदीप बौठियाल, अनूप थपलियाल, सुबोध देवरानी और मुजीब नैथानी शामिल थे।