नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की चर्चा क्यों है?

नैनीताल। अक्टूबर 2025 में नैनीताल के जिलाधिकारी का पदभार संभालने के बाद से ही ललित मोहन रयाल जी अपने अनूठे और सख्त फैसलों को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं।

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त एक्शन: हाल ही में उन्होंने हल्द्वानी तहसील में औचक छापेमारी कर गंभीर लापरवाही बरतने पर दो रजिस्ट्रार कानूनगो को डिमोट कर सीधे पटवारी बना दिया था, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले में कड़ा संदेश दिया।

जनता से जुड़ाव: वे सरकारी गाड़ी छोड़कर पैदल ही दफ्तर और निरीक्षण के लिए निकल जाते हैं, जिससे आम जनता में उनका सीधा संवाद और भरोसा बढ़ा है।

लंबित कार्यों का निपटारा: राजस्व मामलों में तेजी लाने और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं की पेंडेंसी को शून्य करने में उन्होंने बेहतरीन काम किया है।

इसीलिए नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल जी (IAS 2011 बैच, उत्तराखंड कैडर) को उनके शानदार कार्यों, कड़े प्रशासनिक फैसलों और जनता के प्रति संवेदनशीलता के कारण इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिला है।

प्रारंभिक सर्वे में देश भर से लगभग 100 चुनिंदा अधिकारियों को चुना गया है, जिन्हें फेम इंडिया मैगजीन के विशेष अंक में जगह दी जा रही है।

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