कोटद्वार। उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने नीट के बाद सीबीएसई एग्जाम में गड़बड़ झाले को पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को हटाने की मांग की। उत्तराखण्ड विकास पार्टी के अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने कहा कि मोदी सरकार के बस का परीक्षाओं का सफल आयोजन करवाना भी नहीं है, आधुनिक तकनीक के युग में बिना भ्रष्टाचार के परीक्षाओं में गड़बड़ियां संभव नहीं हैं।
मुजीब नैथानी ने कहा कि सोशल मीडिया में दौड़ रही खबरों से पता चलता है कि ये गड़बड़ पूर्व नियोजित थी। उन्होंने कहा कि सीबीएसई ने इस काम के लिए तीन अलग-अलग टेंडर जारी किए थे। पहला टेंडर सरकारी जेम पोर्टल से हटा दिया गया, दूसरे टेंडर में तकनीकी जांच के दौरान सभी बोली लगाने वालों (बिडर्स) को फेल कर दिया गया और अंत में तीसरा टेंडर एक एडुटेक (EduTech) कंपनी को दे दिया गया, जो मामले में गड़बड़ी की ओर संकेत करता है।
पुराने टेंडर में तीन ऐसे नियम थे जिनके तहत खराब काम करने पर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी (कोएम्प्ट) को अयोग्य घोषित किया जा सकता था लेकिन नए टेंडर (RFP) से इस नियम को पूरी तरह से हटा दिया गया, और यह किसको लाभ देने के लिये किया गया।
ब्लैकलिस्टिंग, फाइनेंशियल एलिजिबिलिटी लिमिट और प्रोजेक्ट के पैमानों से जुड़े नियमों में कुछ ऐसे बदलाव किए गए, जिससे कथित तौर पर देश की दिग्गज कंपनी टीसीएस (TCS) के मुकाबले उस खास एडुटेक कंपनी को फायदा पहुंचे।
मुजीब नैथानी ने कहा कि एडुटेक कंपनी का इतिहास इतना शानदार है कि गड़बड़ी से इंकार करना मोदी जी को प्रधानमंत्री न मानना जैसा है।