कोटद्वार। उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने आयुर्वेदिक दवा कंपनी आई.एम.पी.सी.एल जो कि आयुष मंत्रालय द्वारा संचालित होती थी को निजी अंग्रेजी दवा कंपनी स्काइमैप फार्मास्यूटिकल्स को बेचे जाने की कड़ी आलोचना की है।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी के सचिव एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी ने कहा कि एक लाभ कमाने वाली कंपनी को निजी हाथों में बेचा जाना सरकार की अदूरदर्शिता और दवा माफियाओं से मिलीभगत की ओर इशारा करता है, जबकि भाजपा के ही सांसद अजय भट्ट और अनिल बलूनी इस कंपनी को न बेचे जाने का अनुरोध कर चुके थे।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी के सचिव एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी ने कहा कि मोदी सरकार को जनता के हितों की कोई परवाह नहीं है, सुस्त और नकारा विपक्ष मोदी सरकार को ऐसे काम करने की हिम्मत प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि उक्त दवा कंपनी को बेचा जाना गढ़वाल और कुमाऊँ के हितों पर कुठाराघात है जिसकी पूर्ति नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद से गढ़वाल और कुमाऊँ की संस्कृति समाज और रोजगार पर लगातार हमले हो रहे हैं और युवाओं को व्यवसाय करने को कहा जा रहा है उसमें भी नियमों के विपरीत छोटे छोटे शहरों में भी बड़े बड़े मॉल और होम डिलीवरी कंपनियों को इजाजत दे दी है, ऐसे में अनुभवहीन युवा व्यापार में इन पेशेवर कंपनियों का कैसे मुकाबला करेगा।