मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने जिलाधिकारियों को किसानों के हितों की योजनाओं पर प्रोएक्टिव होकर काम करने के दिये निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की और उनके साथ विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर कुछ जरूरी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश में एग्री स्टैक से संबंधित कार्यों को प्रदेश के किसानों के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण बताया। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अंश निर्धारण के कार्य में देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जनपद में विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करना होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि फर्टिलाइजर्स वितरण का कार्य भी किसान पंजीकरण के आधार पर ही होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि लगातार मॉनिटरिंग करते हुए दैनिक प्रगति को बढ़ाने पर फोकस किया जाए, ताकि किसानों का पंजीकरण कार्य पूर्ण किया जा सके। इसके लिए कैम्प आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण कार्य पूर्ण ना होने से पीएम किसान और उर्वरक का वितरण अटक सकता है।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को देखते हुए इसमें स्वयं सहायता समूहों और युवा मंगल दलों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को लगाए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर यह कार्य कराया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक से संबंधित सभी कार्यों में तेजी लाने के लिए किसानों को जागरूक करने की भी बात कही। इससे युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक बहुत महत्त्वपूर्ण है, समय से यह सभी कार्य पूर्ण ना होने से भारत सरकार की बहुत सी स्कीम्स का लाभ किसानों को मिलना बंद हो सकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, डॉ . वी. षणमुगम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, श्री एस. एन. पाण्डेय एवं श्रीमती रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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