ऋषिकेश। उत्तराखण्ड की एमबीबीएस परीक्षाओं में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे एडमिशन की पोल पत्रकार प्रदीप बहुगुणा के द्वारा खोले जाने पर उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस उत्तराखण्ड मूल के लोगों के साथ छल कर रही है और प्रदीप बहुगुणा जैसे पत्रकारों ने बताया कि स्थाई प्रमाणपत्र उत्तराखण्ड के बन रहे हैं और छात्र की शिक्षा के प्रमाणपत्र बाहरी राज्यों के हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि बाहरी राज्यों के छात्रों के शिक्षा प्रमाणपत्रों की अनदेखी कैसे और कौन कर रहा है।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी के उपाध्यक्ष पूरण सिंह भंडारी ने कहा कि एक ही दिन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पाँच प्रमाणपत्र बनने के साथ साथ स्थाई निवास प्रमाणपत्र भी कलेक्ट्रेट से जारी होना बताता है कि राज्य में राज्य के हितों को ताक पर रखकर उत्तराखण्ड के मूल निवासियों की पीठ पर छुरा भोंका जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस राष्ट्रीय नेताओं के कहने पर लगातार उत्तराखण्ड के हितों पर कुठाराघात कर रही है और इसी लिए 26 सालों में न राजधानी बनी न गढ़वाली कुमाऊँनी को भाषा का दर्जा मिला उल्टे ही उत्तर प्रदेश में मिलने वाला मूल निवास प्रमाण पत्र भी खत्म कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य शहीदों की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य के हितों को सर्वोपरि मानने वाले क्षेत्रीय दल ही आरक्षण यूजीसी एससी एसटी एक्ट से बचा सकते हैं और मूल निवास 1950 लागू करा मूल निवासियों के हितों को बचा सकते हैं।