पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी ने पकड़वाये प्रतिबंधित प्रजाति के तोते

देहरादून। पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी आज भी पशु संरक्षण में महत्वपूर्ण  भूमिका अदा कर रही हैं। उनके द्वारा बताये गए स्थान में छापेमारी में जो सामने आया, वह चौंकाने वाला था। बड़ी संख्या में तोते छोटे-छोटे पिंजरों में कैद पाए गए, जिन्हें बेचने के लिए रखा गया था। बरामद किए गए 109 तोतों में शेड्यूल-2 के तहत आने वाली तीन प्रमुख प्रजातियां शामिल हैं, जिसमें रोज रिंग्ड पैराकीट, अलेक्जेंड्रिन पैराकीट और प्लम हेडेड पैराकीट शामिल है। ये सभी प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षित हैं, और इनके शिकार, व्यापार या कैद पर सख्त प्रतिबंध है।

इस ऑपरेशन के दौरान वन विभाग ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे और स्थानीय स्तर पर पक्षियों की सप्लाई चेन चला रहे थे। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके विस्तार का पता लगाया जा सके।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, यह कार्रवाई विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत शेड्यूल-1 और शेड्यूल-2 के वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और चेकिंग की जा रही है। विभाग की टीमें शहर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जिससे वन्यजीव तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

इस तरह की अवैध गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि पर्यावरण और जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा हैं।तोते जैसे पक्षी पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और इनकी तस्करी से प्राकृतिक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 

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