मेरठ। उत्तर प्रदेश में मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान उस समय माहौल भावुक हो गया, जब अपने मकानों और दुकानों को बचाने की मांग को लेकर महिलाएं धरने पर बैठ गईं। महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को मौके से हटाया। इस दौरान कई महिलाएं रोती रहीं और प्रशासन तथा आवास एवं विकास परिषद पर गंभीर आरोप लगाये।
महिलाओं का कहना था कि वे लगातार आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं। उनका आरोप है कि उन्हें हर बार कार्रवाई को लेकर आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन बुधवार को अचानक उनके मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चल गया
ध्वस्तीकरण के दौरान एक महिला अपने मकान को टूटता देखकर बेहद भावुक हो गई। वह अपने पति से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी। उसकी हालत बिगड़ने पर महिला पुलिसकर्मियों ने उसे मौके से हटाकर पति के साथ पास के एक मकान में भेज दिया।
महिलाएं कार्रवाई का विरोध करती रहीं और प्रशासन से मकानों को बचाने की मांग करती रहीं। उनका कहना था कि लंबे समय से वे अधिकारियों से संपर्क कर रही थीं और उन्हें कार्रवाई को लेकर भरोसा दिलाया जाता रहा था।
दरअसल, मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार सुबह करीब नौ बजे आवास एवं विकास परिषद की टीम बुलडोजर और अन्य संसाधनों के साथ पहुंची। इसके बाद चिह्नित भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सील की गई 44 संपत्तियों को मूल स्वरूप में लाने की प्रक्रिया के तहत पहले चरण में छह भवनों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई को देखते हुए सेंट्रल मार्केट और आसपास के शास्त्री नगर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रमुख रास्तों और चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई थी। इससे इलाके में आवाजाही प्रभावित रही। बड़ी संख्या में व्यापारी और संपत्ति मालिक भी मौके पर जुटे रहे। कई दुकानदार अपनी दुकानों से सामान बाहर निकालते दिखाई दिए।
पूरे इलाके में पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सेंट्रल मार्केट की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के चलते लोगों की आवाजाही सीमित रही। स्कूल जाने वाले कुछ बच्चों को भी रास्ते में रोक दिया गया।