मोदी सरकार ने तेल की कीमतों में की बढ़ोतरी, उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने बताया आपदा में अवसर

नई दिल्ली। देश में महज 10-11 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी की गई है। ताजा बढ़ोतरी के तहत पेट्रोल औसतन ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया है।

इस वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के पार और अन्य मेट्रो शहरों में भी इसके दाम आसमान छू रहे हैं।

उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने तेल की कीमतों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी का विरोध किया है और कहा कि ताजा हालात में तेल की कीमतें लगातार चौथी बार बढ़ाये जाने का कोई औचित्य नहीं है।

उत्तराखण्ड विकास पार्टी के अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने कहा कि अभी तो अमेरिका और ईरान के बीच सीज फायर चल रहा है और ईरान ने भी इस दौरान जहाजों की आवाजाही पर से रोक हटा दी है।

मुजीब नैथानी ने कहा कि मोदी सरकार आपदा में अवसर ढूंढ रही है । अभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 95 डॉलर से लेकर 100 डॉलर तक है, तो फिर तेल की कीमत बढ़ाने का क्या औचित्य है,जबकि तेल कंपनियों का मुनाफा थी ठीक ठाक रहा है।

 उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 में तेल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल थी और भारत में 65 रूपये प्रति लीटर थी और वर्ष 2012-13 में तेल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल थी और भारत में तब भी तेल कीमत 68 रूपये थी जो वर्ष 2013-14 में 70 रूपये हो गई थी , जिस वजह से मनमोहन सरकार को जाना पड़ा था।

 

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