उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने अमर शहीद श्रीदेव सुमन को दी श्रद्धांजलि

कोटद्वार। उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने दी अमर शहीद श्रीदेव सुमन को श्रद्धांजलि। उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने कहा कि महात्मा गाँधी जी से प्रेरणा लेकर श्रीदेव सुमन ने देश की आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

श्रीदेव सुमन (25 मई 1916 – 25 जुलाई 1944) उत्तराखंड (तत्कालीन टिहरी रियासत) के महान स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार थे। उन्होंने टिहरी के राजा के दमनकारी शासन के खिलाफ ऐतिहासिक 84 दिनों की भूख हड़ताल की थी, जिसके परिणामस्वरूप मात्र 28 वर्ष की आयु में उनका बलिदान हो गया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षाश्रीदेव सुमन का जन्म टिहरी गढ़वाल के जौल गाँव (बमुण्ड पट्टी) में हुआ था। उनका वास्तविक नाम श्रीदत्त बडोनी था। उनके पिता हरिराम बडोनी एक वैद्य थे। छोटी उम्र में ही पिता के निधन के बाद, उनकी परवरिश उनकी माता तारा देवी द्वारा की गई।

उन्होंने अपनी शिक्षा टिहरी और देहरादून से पूरी की और पंजाब विश्वविद्यालय से ‘रत्न भूषण’ एवं ‘प्रभाकर’ के साथ-साथ ‘साहित्य रत्न’ की परीक्षाएं भी उत्तीर्ण कीं।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदाननमक सत्याग्रह: मात्र 14 वर्ष की उम्र में (1930 में), वे महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह से प्रभावित होकर देहरादून में सत्याग्रह में शामिल हुए और 15 दिनों के लिए जेल गए। साहित्य और पत्रकारिता: उन्होंने 1937 में अपना पहला काव्य संग्रह ‘सुमन सौरभ’ प्रकाशित किया।

उन्होंने ‘हिंदू’ और ‘धर्म राज्य’ जैसे समाचार पत्रों में भी काम किया।गणदेश सेवा संघ: उन्होंने दिल्ली में देवनागरी महाविद्यालय की स्थापना में सहयोग किया और ‘गणदेश सेवा संघ’ (बाद में हिमालय सेवा संघ) का गठन किया।

ऐतिहासिक संघर्ष और बलिदानटिहरी रियासत की जनता राजा के अत्याचारों और कुशासन से त्रस्त थी। इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए श्रीदेव सुमन को जेल में डाल दिया गया。 जेल में अमानवीय यातनाओं के विरोध में उन्होंने 3 मई 1944 से अनशन शुरू कर दिया। लगातार 84 दिनों की ऐतिहासिक भूख हड़ताल के बाद 25 जुलाई 1944 को उनका निधन हो गया।

उनकी शहादत के बाद टिहरी में राजशाही के खिलाफ ऐसा जन-विद्रोह भड़का, जिसने अंततः टिहरी में राजतंत्र को समाप्त कर दिया।

श्रद्धांजलि देने वालों में उम्मेद सिंह रावत, संजय रावत, महाराज बिष्ट, एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी, अभय काला, अनूप थपलियाल, अतुल भट्ट, विजय पाल सिंह गुसाईं, वीरू विश्राम, आशीष किमोठी, संजय मालसी, अनिल जदली आदि शामिल थे 

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